World Class Digital Library Facility at
Amir-Ud-Daula
PUBLIC LIBRARY
15 All-in-One Computers, Wifi Internet Connection, RFID Enabled Library Management System, Millions of Digital Library Content
विश्व स्तरीय पुस्तकालय सुविधा
अमीर-उद-दौला
सार्वजनिक पुस्तकालय
15 ऑल-इन-वन कंप्यूटर, वाईफाई इंटरनेट कनेक्शन, आरएफआईडी सक्षम पुस्तकालय प्रबंधन प्रणाली, लाखों डिजिटल पुस्तकालय सामग्री
0
Digitized Books
0
Digitized Pages
0
eJournals
0
eBooks
0
Manuscripts
Amir-ud-Daula Public Library
Featured Digital Library Content
There are various types of digital content on Amir-ud-Daula Public Library. Explore our featured content in various document categories.
Safaltam Vyaktiyon Ki Sarvashreshth Aadatein by Sati Achath
SKU:
9789352662906
‘सफलतम व्यक्तियों की सर्वश्रेष्ठ आदतें’ एक प्रेरक और दिलचस्प पुस्तक है। इसमें विश्वविख्यात पे्ररक वक्ता व कार्टूनिस्ट सती अचथ ने अब्राहम लिंकन, थियोडोर रूजवेल्ट, बिल क्लिंटन, बराक ओबामा, थॉमस एडिसन, एंड्रयू कारनेगी, हेनरी फोर्ड, डॉ. मार्टिन लूथर किंग, महात्मा गांधी, नेल्सन मंडेला, स्टीव जॉब्स, बिल गेट्स, वॉरेन बफेट, स्टीवन स्पीलबर्ग, जिम कैरी, मार्क जुकरबर्ग (फेसबुक), सर्गेई ब्रिन और लैरी पेज (गूगल), जैक डोर्सी (ट्विटर), तथा जेफ बेजोस (अमेजन डॉट कॉम) समेत 130 सर्वाधिक सफल लोगों में जीतनेवाले गुणों के विषय में बताया है।
प्रत्येक अध्याय में दी गई पठनीय सामग्री ऐसे चरणबद्ध ब्लूप्रिंट के समान है, जो आपको इन महान् गुणों को सीखने में मदद करेगी, जिनसे आप अपनी क्षमता का पूर्ण इस्तेमाल कर अपने जीवन का कायापलट कर सकेंगे।
सफल लोगों के गुणों को आत्मसात् कर स्वयं सफल और उन्नत होने का व्यावहारिक ज्ञान देती सेल्फ हेल्प की अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक।
Ajneya : Swatantraya Ki Khoj by Krishan Dutt Paliwal
SKU:
9789386870025
सप्रसिद्ध आलोचक प्रोफेसर कृष्णदत्त पालीवाल की यह पुस्तक अज्ञेय के रचनाकर्म का विभिन्न कोणों से विवेचन-विश्लेषण करते हुए स्थापित करती है कि अज्ञेय की दृष्टि में सर्वोपरि मूल्य है स्वातंत्र्य। उनके उपन्यास, डायरी, कविता और साहित्य-चिंतन की गहन जाँच-पड़ताल करते हुए प्रोफेसर पालीवाल ने पाया है कि भारतीयता, सामाजिकता और आधुनिकता तीनों को विलक्षण ढंग से साधनेवाले अज्ञेय पाठक की स्वाधीन चेतना और आत्म-बोध जगाने का निरंतर प्रयास करते हैं। उनके बहुलतावादी चिंतन-सृजन की केंद्रीय समस्या है—‘आत्म’ और ‘अन्य’ के रिश्ते की समस्या। मैं और वह, मम और ममेतर के बीच रिश्ते की समस्या, शब्द के सार्थक प्रयोग की समस्या ही अज्ञेय के संपूर्ण सृजनात्मक पुरुषार्थ की आत्मा है, जिसमें हर कोण से स्वाधीनता के न जाने कितने प्रश्न उठते हैं। उनके लिए स्वाधीन चिंतन अथवा स्वाधीन विवेक राजनीतिक स्वातंत्र्य से कहीं बड़ा है।
अज्ञेय पर लगे तमाम आक्षेपों और भर्त्सना के पीछे के सच को सामने लाकर यह पुस्तक ठोस प्रमाणों के आधार पर यह भी उजागर करती है कि उन पर लगाए गए आक्षेप कितने निराधार और पूर्वग्रह प्रेरित हैं। अज्ञेय के सृजन के अनेक ऐसे पक्षों को यह पुस्तक प्रकाश में लाती है, जिनकी हिंदी आलोचना में प्रायः अनदेखी होते रहने के कारण पाठक दिग्भ्रमित हुआ है।
अज्ञेय साहित्य के पाठकों के लिए एक पठनीय पुस्तक।
A Vindication of the Rights of Woman by Mary Wollstonecraft
SKU:
9788184305834
Published in the year 1792, 'A Vindication of the Rights of Woman' is a long feminist essay by the renowned writer Mary Wollstonecraft. Written with a very strong take on women's rights, this essay has till date been read, appreciated by students teachers and scholars. It has been creating strong roots for feminism world wide.
Premchand Ki Shreshtha Kahaniyan by Mahesh Dutt Sharma
SKU:
9789386054845
“रात को तो मैंने नहीं पहचाना, पर जरा साफ हो जाने पर पहचान गया। एक बार मैंने यह एक मरीज को लेकर आया था। मुझे अब याद आता है कि मैं खेलने जा रहा था और मरीज को देखने से इनकार कर दिया था। आज उस दिन की बात याद करके मुझे जितनी ग्लानि हो रही है, उसे प्रकट नहीं कर सकता। मैं उसे अब खोज निकालूँगा और उसके पैरों पर गिरकर अपना अपराध क्षमा कराऊँगा। वह कुछ लेगा नहीं, यह जानता हूँ, उसका जन्म यश की वर्षा करने ही के लिए हुआ है। उसकी सज्जनता ने मुझे ऐसा आदर्श दिखा दिया है, जो अब से जीवनपर्यंत मेरे सामने रहेगा।”
—इसी पुस्तक से
Vinamrata by Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’
SKU:
9789390923915
विनम्रता मानव जीवन में सबसे शक्तिशाली और महत्त्वपूर्ण गुणों में से एक है। विनम्र होना विश्वास बनाने में मदद करता है और सीखने की सुविधा देता है, जो नेतृत्व और व्यक्तिगत विकास के प्रमुख पहलू हैं।
नम्रता वस्तुतः वह भावना या दृष्टिकोण है, जहाँ आप स्वयं को विशेष महत्त्व न देकर अभिमान रहित, निस्स्वार्थ भाव से दूसरों की भलाई के विषय में तत्पर रहते हैं। पहली नजर में विनम्रता एक नकारात्मक गुण की तरह लग सकती है—एक ताकत के बजाय कमजोरी के संकेत की तरह, परंतु वास्तव में विनम्रता एक ऐसा गुण है, जो आपको दूसरों की अपेक्षा श्रेष्ठ स्थापित करते हुए आपके जीवन को बहुत आगे ले जाएगी। आइए, इसे दूसरे तरीके से देखें। जिस व्यक्ति में नम्रता का अभाव होता है, वह अपने बारे में सोचता है और खुद को दूसरों से ऊँचा और बेहतर देखता है। ऐसे व्यक्ति से सब बचना चाहते हैं।
हम जिस अहंकार के युग में रहते हैं, उसमें विनम्रता की शक्ति छिपी हुई है, उसे व्यक्तित्व का हिस्सा बनाना अत्यंत आवश्यक है। विनम्रता के लिए अत्यधिक आत्मज्ञान, आत्मनियंत्रण और आत्मसम्मान की आवश्यकता होती है।
चाहे व्यक्ति हो, संगठन हो या संस्था हो, विनम्रता से ही शिखर तक पहुँचा जा सकता है। इसलिए विनम्रता को सफलता का मूलमंत्र भी कहा गया है।
अगर नेतृत्व विनम्र है तो सब लोगों को साथ लेकर चलने की कला का स्वतः ही विकास हो जाता है। जरूरत पड़ने पर सब की सलाह और सहयोग लेने की क्षमता भी विकसित हो जाती है।
Gangaputra Bhishma by Ankur Mishra
SKU:
9789355210715
देवव्रत से भीष्म की यात्रा मानव-मूल्यों की विस्तृत परंपरा का गान है। इस कृति में लेखक ने कालजयी योद्धा भीष्म के जीवन के कई अनछुए पहलुओं को स्पर्श किया है। आप जब पुस्तक पढ़ते हैं तो प्रतिपल भीष्म के साथ उनके जीवन की मानसिक यात्रा के साथी बन जाते हैं। प्रस्तुत पुस्तक को सिर्फ महाभारत के आख्यान हेतु नहीं पढ़ा जाना चाहिए, बल्कि तत्कालीन गुप्तचर व्यवस्था एवं समाज व्यवस्था की भी झलक इसमें मिलती है। यही वह समय था, जब धरा को श्रीकृष्ण के रूप में नया नायक मिला था। भीष्म की धर्म-निष्ठा एवं श्रीकृष्ण द्वारा प्रदत्त धर्म की सम्यक् व्याख्या हेतु भी पुस्तक को पढ़ा जाना चाहिए।
Shikhandi by Dr. Laxmi Narayan Garg
SKU:
9789387968813
हिंदू संस्कृति में व्यक्ति को उसके कर्मों का फल मिलने तथा मृत्यु के बाद पुनर्जन्म होने का पुरजोर समर्थन हुआ है। किंतु कर्म-फल तथा पुनर्जन्म कब, कहाँ और किस रूप में प्राप्त होगा—जैसे प्रश्न अनुत्तरित रहे हैं। ऐसे में वेदव्यास रचित ‘महाभारत’ में काशी नरेश की कन्या अंबा का पांचाल नरेश द्रुपद के यहाँ शिखंडी के रूप में पुनर्जन्म और लिंग-परिवर्तन के उपरांत उसका गंगा-पुत्र भीष्म से प्रतिशोध की घटना अत्यंत रोचक और उल्लेखनीय है।
प्रस्तुत उपन्यास ‘शिखंडी’ इसी घटना को केंद्र में रखकर लिखा गया है। इसमें द्रुपद और शिखंडी के जीवन से जुड़े ऐसे कई अनूठे प्रसंग हैं, जो पाठक को इन चर्चित घटनाओं पर नए सिरे से सोचने के लिए विवश करते हैं। उपन्यास में कथानक को गति प्रदान करने और शिखंडी, द्रुपद और पांडवों के अंतर्संबंध को दरशाने के लिए अष्टपाद नामक एक गुप्तचर एवं उसके परिवार के सदस्यों का भी समावेश इसमें किया गया है।
महाभारत गं्रथ में धर्म के प्रतीक युधिष्ठिर की जुआरी रूप में नकारात्मक छवि मिलती है। प्रस्तुत उपन्यास में, विशेषकर अष्टपाद और शिखंडी के वार्त्तालाप के माध्यम से, युधिष्ठिर की इस नकारात्मक छवि को बदलकर उसे विवेकशील एवं दूरद्रष्टा के रूप में स्थापित करने का भी प्रयास किया गया है।
महाभारत के एक महत्त्वपूर्ण परंतु कम परिचित पात्र ‘शिखंडी’ पर अत्यंत रोचक एवं पठनीय उपन्यास।
Kahani Do Boondon Ki by Dr. Harsh Vardhan
SKU:
9789353225087
विश्व के बच्चे आजीवन पोलियो उन्मूलन के लिए ग्लोबल प्रयासों में शामिल सभी व्यक्तियों, संगठनों के आभारी रहेंगे। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि विश्व के किसी भी कोने में जब तक एक भी बच्चा इस रोग से ग्रस्त रहेगा, तब तक सभी देशों के बच्चों को पोलियो संक्रमण का जोखिम बना रहेगा। इन प्रयासों में शामिल प्रत्येक व्यक्ति के लिए यह खबर चौंकानेवाली रहेगी कि 2009-10 में पोलियो मुक्त 23 देश वायरस के आने से इस रोग की चपेट में पुनः आ गए। इस खबर से हमें यह चेतावनी लेनी चाहिए कि हमें सतर्क होकर पोलियो उन्मूलन के लिए पहल के कुछ अंतिम उपाय अवश्य करने चाहिए।
आइए, एक बार फिर हम शपथ लेते हैं कि वर्ष 1995 की राष्ट्रीय भावना पुनः जाग्रत् करके पोलियो जैसे अन्य रोगों से लड़ेंगे तथा देश में बड़े सामाजिक आंदोलन के रूप में स्वास्थ्य के विकास के लिए एकसूत्र में बँधेंगे। यदि हम सभी के लिए स्वास्थ्य सुनिश्चित कर सकते हैं तो हम अपने देश का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित कर पाएँगे। चेचक (small pox) के उन्मूलन के बाद, हमने एक बार फिर इतिहास रचा है। अब प्रत्येक देशवासी को सभी के लिए स्वास्थ्य अर्जित करने में इतिहास रचने का अवसर मिला है।
‘कहानी दो बूँदों की’ दिल्ली में पोलियो उन्मूलन हेतु चलाए गए उस अभियान की रोचक और प्रेरणादायी कहानी है, जो पूरे देश के लिए अनुकरणीय उदाहरण साबित हुआ है। वस्तुतः विकासशील देशों में फैले किसी भी रोग से जूझने के लिए इसका उपयोग मील के पत्थर के रूप में किया जा सकता है। जनहित में लगे चिकित्सा विशेषज्ञों, स्वास्थ्य अधिकारियों और गैर-सरकारी संगठनों के लिए यह पुस्तक एक गाइड के रूप में काम आएगी।
इसमें रुचिकर तरीके से यह दरशाया गया है कि किस तरह विभिन्न क्षेत्रों—धार्मिक, खेल, फिल्म, कला व संस्कृति, सामाजिक, यहाँ तक कि राजनीति—में लगे लोगों व संगठनों को एक अभियान में सहभागिता के लिए प्रेरित और सक्रिय किया जा सकता है। त्वरित और प्रभावपूर्ण परिणामों को प्राप्त करने के लिए नव प्रवर्तनकारी और कल्पनाशील तकनीकों के साथ-साथ पुराने परंपरागत रीति-रिवाजों और आधुनिक प्रबंधकीय विधियों का उपयोग किया गया।
संक्षेप में कहें तो यह पुस्तक नीति-नियोजकों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए एक पथ-प्रदर्शक है। साथ ही जन-अभियानों के लिए एक अंतर्दृष्टि प्रदान करती है, जो सामान्य पाठकों को भी सहज ही अपनी ओर आकर्षित कर लेगी।
Old Christmas From the Sketch Book of Washington Irving by Washington Irving
SKU:
9788184306893
Washington Irving was an American author of the early nineteenth century. Best known for his short stories The Legend of Sleepy Hollow and Rip van Winkle, he was also a prolific essayist, biographer and historian. He spoke fluent Spanish, which served him well in his writings on that country, and he could read several other languages, including German and Dutch. His first book was A History of New-York from the Beginning of the World to the End of the Dutch Dynasty, by Diedrich Knickerbocker. He travelled on the Western frontier in the 1830s and recorded his glimpses of Western tribes in A Tour on the Prairies.
Main Rajendra Prasad Bol Raha Hoon by Ed. Rajaswi
SKU:
9789383111107
स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेता, महात्मा गांधी के परम शिष्य और भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ‘सादा जीवन उच्च विचार’ के आदर्श में विश्वास रखते थे। राष्ट्रपति पद की मर्यादा का ध्यान रखते हुए भी वे अपने रहन-सहन और पहनावे आदि में अत्यंत सादगी अपनाते थे।
शांतमना डॉ. राजेंद्र प्रसाद सात्त्विकता और सौम्यता की प्रतिमूर्ति थे। वे ऐसे महामानव थे, जिन्होंने अपना सर्वस्व लोकसेवा के लिए अर्पित कर दिया। उन्होंने राष्ट्रपति रहते हुए अनेक महत्त्वपूर्ण योजनाओं को कार्यान्वित किया और भारत को सफल एवं सशक्त राष्ट्र बनाने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। देशहित में दिए गए उनके महान् योगदान को कभी विस्मृत नहीं किया जा सकेगा।
इस पुस्तक के सभी अंश डॉ. राजेंद्र प्रसाद के विभिन्न अवसरों पर दिए गए वक्तव्यों, लेखों और उनके द्वारा लिखित पुस्तकों से संकलित किए गए हैं। इनका उद्देश्य डॉ. राजेंद्र प्रसाद की विचारधारा आगे बढ़ाते हुए पाठकों को देशहित एवं लोकहित के लिए प्रेरित करना है।
व्यक्तित्व विकास, चरित्र-निर्माण एवं राष्ट्र-निर्माण के लिए आवश्यक दृष्टि देनेवाले देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद के अनमोल वचनों का प्रामाणिक संकलन।
Surang Ke Paar Bihar by Dinesh Kumar
SKU:
9789350482902
प्रस्तुत पुस्तक में 2005 से 2010 तक यह बिहार की राजनीति का अति संक्षिप्त परिचय है। इसका जिक्र इसलिए किया गया है कि इस पुस्तक में शिक्षा, कानून-व्यवस्था, उद्योग-व्यापार, उग्रवाद, महिला सशक्तीकारण, स्वास्थ्य, भष्टाचार के विरुद्ध अभियान, कल्याणकारी कार्यक्रम और केंद्र-राज्य-संबंध जैसे जिन विषयों पर टिप्पणियाँ की गई हैं, उन्हें राजनीतिक बदलाव के सापेक्ष देखा जा सके। ये पत्रकारीय आकलन बिहार में घटित उस परिवर्तन को परत-दर-परत समझने में सहायक हो सकते हैं, जिसने देश-दुनिया का ध्यान खींचा। अमेरिकी पत्रिका ‘फोर्ब्स इंडिया’ ने 18 दिसंबर, 2010 को इस ऐतिहासिक बदलाव को रेखांकित करते हुए नीतीश कुमार को ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ (2010) का पुरस्कार देने की घोषणा की।
राजनीति ने जब सकारात्मक मोड़ लिया, तो उसके अनुरूप परिवर्तन के रंग समाज के विभिन्न क्षेत्रों में दिखने लगे। ‘दैनिक जागरण’ के बिहार संस्करणों में प्रकाशित मेरे अग्रलेख इन सतरंगे बदलावों की तिथिवार झलक-मात्र हैं।
Diwaswapna by Gijubhai
SKU:
9789386936059
इसी बीच प्रधानाध्यापक एकाएक आए और मुझे टोका, ‘‘देखिए, यहाँ पास में कोई खेल नहीं खेला जा सकता। चाहो, तो दूर उस मैदान में चले जाइए। यहाँ दूसरों को तकलीफ होती है।’’
मैं लड़कों को लेकर मैदान में पहुँचा।
लड़के तो बे-लगाम घोड़ों की तरह उछल-कूद मचा रहे थे। ‘‘खेल! खेल! हाँ, भैया खेल!’’
मैंने कहा, ‘‘कौन सा खेल खेलोगे?’’
एक बोला, ‘‘खो-खो।’’
दूसरा बोला, ‘‘नहीं, कबड्डी।’’
तीसरा कहने लगा, ‘‘नहीं, शेर और पिंजड़े का खेल।’’
चौथा बोला, ‘‘तो हम नहीं खेलते।’’
पाँचवाँ बोला, ‘‘रहने दो इसे, हम तो खेलेंगे।’’
मैंने लड़कों की ये बिगड़ी आदतें देखीं।
मैं बोला, ‘‘देखो भई, हम तो खेलने आए हैं। ‘नहीं’ और ‘हाँ ’ और ‘नहीं खेलते,’ और ‘खेलते हैं,’ करना हो तो चलो, वापस कक्षा में चलें।’’
लड़के बोले, ‘‘नहीं जी, हम तो खेलना चाहते हैं।’’
—इसी पुस्तक से
बाल-मनोविज्ञान और शैक्षिक विचारों को कथा शैली में प्रस्तुत करनेवाले अप्रतिम लेखक गिजुभाई के अध्यापकीय जीवन के अनुभव का सार है यह—‘दिवास्वप्न’।
Jeene Ki Raah Ke 125 Sutra by Pt. Vijay Shankar Mehta
SKU:
9789351868361
इस पुस्तक में निरूपित 125 सूत्र आपको ‘जीने की राह’ दिखा सकते हैं। यह शब्दों में व्यक्त विचार मात्र नहीं, बल्कि मानव जीवन के पूरे दर्शन और परंपराओं का निचोड़ प्रस्तुत करते हैं। वैसे तो किसी भी समस्या को ठीक से समझ लेना ही उसका सबसे बड़ा निदान है। जीने की राह का मतलब ही है कि हर कदम पर समस्या आएगी, लेकिन साथ में समाधान भी लाएगी। कितना ही बड़ा दुःख या परेशानी आए, जीवन रुकना नहीं चाहिए।
यह पुस्तक अपने भीतर के आत्मबल को जाग्रत् कर, सेवा, सत्य, परोपकार और अहिंसा आदि जीवनमूल्यों को जगाने की सामर्थ्य रखती है। इसके अध्ययन से सद्प्रवृत्ति विकसित होगी, सद्विचार मुखर होंगे और हम आनंद, संतोष और सार्थक जीवन जी पाएँगे।
जीवन को सरल-सहज बनाने के व्यावहारिक सूत्र बताती पठनीय पुस्तक।
Mann Ki Baat : Samajik Chetna Ka Agradoot by Siddhartha Shankar Gautam
SKU:
9789352660308
लोकप्रियता के नए आयाम स्थापित कर चुका भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ लोगों के हृदय में स्थान बनाने के साथ ही जन-चेतना जाग्रत् करने के सशक्त माध्यम के रूप में उभरकर आया है। ‘मन की बात’ मात्र एकपक्षीय कार्यक्रम नहीं है, वरन् इसके द्वारा आम लोगों की बात एवं मनोस्थिति को पूरा देश सुनता है। वैश्विक परिदृश्य में ‘मन की बात’ इकलौता ऐसा कार्यक्रम है, जिसके चलते देश का प्रधानसेवक अपनी जनता से सीधे जुड़ा हुआ है।
‘सामाजिक चेतना का अग्रदूत : मन की बात’ द्वारा कार्यक्रम से जुड़े जन-हितैषी मुद्दों की गहन पड़ताल की गई है कि कैसे उक्त मुद्दों ने सामाजिक-चेतना जाग्रत् करने का उपक्रम किया है। लेखक ने गहन शोध और अध्ययन करके इस कार्यक्रम के माध्यम से जो चेतना, और समझ विकसित की है, इसमें उसका लेखा-जोखा प्रस्तुत किया है। हर माह प्रधानमंत्री ‘मन की बात’ में ऐसे विषयों को संबोधित करते हैं, जो राजनीति से परे परंतु आम आदमी के हितों से सीधे जुड़े होते हैं। निश्चित रूप से उनकी यह पहल अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन में बदलाव ला रही है, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए। पुस्तक द्वारा यह बताने की कोशिश की गई है कि कैसे राजनीति से इतर भी आम आदमी राष्ट्र की मुख्यधारा में जुड़कर अपने समाज व राष्ट्र की उन्नति में योगदान दे सकता है।
Oscar Wilde Ki Lokpriya Kahaniyan by Oscar Wilde
SKU:
9789383111381
लेकिन युवा मछुआरे ने हँसकर कहा, ‘‘प्रेम ज्ञान से बेहतर होता है और छोटी मत्स्यकन्या मुझसे प्रेम करती है।’’
‘‘नहीं। ज्ञान से बढ़कर और कुछ नहीं होता।’’ आत्मा ने कहा।
‘‘प्रेम बेहतर है।’’ युवा मछुआरे ने जवाब दिया। वह वापस समुद्र की गहराई में कूद गया और उसकी पुरुषरूपधारी आत्मा रोती हुई दलदल की तरफ चली गई।
जब दूसरा साल खत्म हुआ तो उसकी आत्मा एक बार फिर समुद्र तट पर आई। उसने फिर युवा मछुआरे को पुकारा तो वह गहराई से ऊपर आकर बोला, ‘‘तुमने मुझे क्यों बुलाया?’’
आत्मा ने जवाब दिया, ‘‘पास आओ, ताकि मैं तुमसे बात कर सकूँ। मैंने बहुत सी आश्चर्यजनक चीजें देखी हैं।’’
वह पास आकर उथले पानी में लेट गया। उसने अपना सिर अपने हाथ पर टिका लिया और सुनने लगा।
—इसी संग्रह से
विश्व प्रसिद्ध उपन्यासकार, कवि एवं कहानीकार ऑस्कर वाइल्ड एक संवेदनशील इनसान थे। उनकी कहानियों में मानव जीवन की गहरी अनुभूतियाँ हैं, आपसी रिश्तों के रहस्य हैं, पवित्र सौंदर्य की अलौकिक व्याख्या है तो मानव धड़कनों के तारतम्य को अद्भुत बतकही शैली में व्यक्त किया गया है। पठनीयता से भरपूर रोचक कहानियाँ।